मेक्‍सिको की बढ़ी चिंता, शरणार्थिंयों को इंतजार करवा रहा US

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 मेक्‍सिको की ओर से अमेरिकी नीति पर चिंता जताई गई है, जिसके कारण संयुक्‍त राष्‍ट्र से शरण मांगने वाले सेंट्रल अमेरिकी प्रवासियों को इंतजार करने के लिए मजबूर किया गया है। बता दें कि अमेरिका-मेक्सिको सीमा खुलने के बाद से ही सीमा पर तनावपूर्ण माहौल हो गया है। यूएस फेडरल कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि कोर्ट में पॉलिसी को चुनौती दी गई है इसलिए ट्रंप प्रशासन प्रवासियों को मेक्‍सिको में उनकी इमिग्रेशन सुनवाई के लिए इंतजार करवा सकता है। बुधवार रात को मेक्‍सिको की इमिग्रेशन एजेंसी ने कहा 4,217 सेंट्रल अमेरिकी शरणार्थी तीन सीमावर्ती शहरों के जरिए वापस लौट चुके। अमेरिकी सरकार ने कहा है कि वह पूरी सीमा में अपने प्रोग्राम को बढ़ाना चाहती है। हालांकि कोर्ट के इस फैसले पर मेक्‍सिको सरकार ने कोई कमेंट नहीं किया है।

टेक्‍सास के एल पासो से सटी सीमा के पार स्‍थित सिउदाद जुआरेज के मेयर अर्मांडा कबाडा ने कहा, अमेरिका को वहां अपनी समस्‍या सुलझा लेनी चाहिए और इसे हमारे पास न भेजें। सैनडिएगो में 29 जनवरी को शुरू हुए प्रोग्राम के बाद से अब तक अन्‍य शहरों की तुलना में सबसे अधिक 1,344 शरणार्थी जुआरेज में आए हैं।

अमेरिकी पॉलिसी को चुनौती देने वाले 11 सेंट्रल अमेरिकियों का कहना है कि उनकी सुरक्षा खतरे में हैं क्‍योंकि मेक्‍सिको में उस प्रक्रिया के लिए इंतजार करवाया जा रहा है जिसे पूरा होने में सालों का समय लगा सकता है।

तिजुआना के एक कॉलेज में पब्‍लिक एडमिनिस्‍ट्रेशन रिसर्चर विसेंट सैंचेज का कहना है कि कई सालों से कुछ सीमावर्ती शहरों की सुरक्षा स्‍थिति काफी गंभीर बनी हुई है।

उन्‍होंने कहा कि इन प्रवासियों की सुरक्षा खतरे में हे। अमेरिका में जिस तरह शरणार्थी मामलों की सुनवाई हो रही है उसमें काफी वक्‍त लग जाएगा। मामलों की सुनवाई के दौरान अमेरिकी सरकार उन्‍हें कोर्ट लाती है औश्र वापस उन्‍हें वापस सीमा पर पहुंचा देती है।

ह्यूमन राइट्स वॉच की इंवेस्‍टीगेटर क्‍लारा लॉंग ने बताया कि वापस लौटे प्रवासी भयभीत थे। उन्‍होंने जुआरेज में एक महिला का इंटरव्‍यू किया जिसके साथ तब दुष्‍कर्म किया गया जब वह रहने के लिए ठिकाना ढूंढ रही थी। ऐसे कितने ही प्रवासी हैं, और इन्‍हें पता नहीं कि वे खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।

बड़े-बड़े बच्‍चों के साथ मेक्‍सिको लौटे दो परिवारों ने बताया कि उन्‍हें शेल्‍टर छोड़ना पड़ा क्‍योंकि वहां उन्‍हें रहने के लिए केवल सात दिनों की अनुमति थी। आगे वे कहां जाएंगे इसका उन्‍हें कुछ पता नहीं। 2007 से अप्रैल में बॉर्डर पेट्रोल की वजह से एक लाख से अधिक प्रवासी पकड़े गए थे।

तिजुआना में फूड किचन और पैड्र चाचा शेल्‍टर की क्‍लाउडिया पोर्टेला ने कहा, ‘इससे काफी असुरक्षा और अनिश्‍चितता बन रही है। आर्गेनाइज्‍ड क्राइम के लिए वे आसानी से निशाने पर होंगे।‘ यदि किसी को मेक्‍सिको में वर्क पर्मिट मिल जाता है तो उनके लिए बेहतर होगा नहीं तो उनकी जिंदगी काफी मुश्‍किल है।

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