बलिया जिले के लाल ने किया बॉम्बे में हिंदी फिल्म जगत में कमाल

0
9

बलिया जिले के लाल ने किया बॉम्बे में हिंदी फिल्म जगत में कमाल। 23 वर्सो के अथक परिश्रम, मेहनत और लगन से, काम के प्रति निष्ठा से बलिया जिले के मैरिटार निवासी हिंदी कॉमेडी फिल्म (कैरी आन जानु) जिसके राइटर&डाइरेक्टर रंजन सिंह राजपूत है।फिल्म के निर्माता बबलू खान और राजेश उपाध्याय हैं । राजेश फ़िल्म जगत में बिगत 23 वर्सो से लगातार छोटे बड़े पर्दो से जूड़कर कई हिंदी,बांग्ला,भोजपुरी फिल्मों के अलावा वेब सीरीज करते हुए बहुत ही मेहनत मसक्कत से आज इस मुकाम पर पहुचे है।आज से 23 वार्स पहले बलिया जिले के उद्योगपति अशोक चतुर्वेदी की कंपनी फ्लेक्स इंडस्ट्रीज नोएडा गाजियबाद में कार्यरत थे।ये आम वर्करों के भाती 2 शिफ्टों में 12- 12 घंटे की ड्यूटी भी किया करते थे लेकिन इनका मन कभी भी कंपनी में नही लगता था। ये हमेशा सोचते रहते थे कि ये मैं कहा आ गया हूँ। मुझे इस गुमनामी की जिंदगी से निकलकर मुझे अपना नाम स्टेट्स और आकाश की बुलंदियों को छूना है। किसी ने सच ही कहा है कोसिस करने वाले कि कभी हार नही होती। और यही वजह है कि उनकी हिम्मत ने उनका साथ कभी नही छोड़ा !बलिया जिले के लाल ने किया बॉम्बे में हिंदी फिल्म जगत में कमाल। 23 वर्सो के अथक परिश्रम, मेहनत और लगन से, काम के प्रति निष्ठा से बलिया जिले के मैरिटार निवासी हिंदी कॉमेडी फिल्म (कैरी आन जानु) जिसके राइटर&डाइरेक्टर रंजन सिंह राजपूत है।फिल्म के निर्माता बबलू खान और राजेश उपाध्याय हैं । राजेश फ़िल्म जगत में बिगत 23 वर्सो से लगातार छोटे बड़े पर्दो से जूड़कर कई हिंदी,बांग्ला,भोजपुरी फिल्मों के अलावा वेब सीरीज करते हुए बहुत ही मेहनत मसक्कत से आज इस मुकाम पर पहुचे है।आज से 23 वार्स पहले बलिया जिले के उद्योगपति अशोक चतुर्वेदी की कंपनी फ्लेक्स इंडस्ट्रीज नोएडा गाजियबाद में कार्यरत थे।ये आम वर्करों के भाती 2 शिफ्टों में 12- 12 घंटे की ड्यूटी भी किया करते थे लेकिन इनका मन कभी भी कंपनी में नही लगता था। ये हमेशा सोचते रहते थे कि ये मैं कहा आ गया हूँ। मुझे इस गुमनामी की जिंदगी से निकलकर मुझे अपना नाम स्टेट्स और आकाश की बुलंदियों को छूना है। किसी ने सच ही कहा है कोसिस करने वाले कि कभी हार नही होती। और यही वजह है कि उनकी हिम्मत ने उनका साथ कभी नही छोड़ा !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here