इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 12वें सीजन के फाइनल मैच के सभी टिकट दो मिनट में बिक गए। 39 हजार क्षमता वाले स्टेडियम के टिकट इतनी जल्दी बिकने से फैंस नाराज हैं। उन्होंने बीसीसीआई की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बगैर किसी पूर्व सूचना के टिकटों की बुकिंग ओपन की थी।

बीसीसीआई की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठे

  1. आईपीएल का फाइनल हैदराबाद के राजीव गांधी इंटनेशनल स्टेडियम में 12 मई को खेला जाना है। क्रिकेट विशेषज्ञों की मानें तो अक्सर मैचों के 25,000 से 30,000 टिकट ही बिकते हैं, लेकिन इस बार ऐसा क्या हुआ कि किसी को पता भी नहीं चला और टिकट भी बिक गए?
  2. हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) के कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने भी पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘फाइनल के सभी टिकट 2 मिनट में कैसे बिक सकते हैं? यह काफी चौंकाने वाला है। फैंस को फाइनल देखने से वंचित करने के लिए बीसीसीआई को जवाब देना होगा।’
  3. सूत्रों की मानें तो 1000, 1500, 2000, 2500, 5000, 10000, 12500, 15000 और 22500 रुपए के टिकट बिकने वाले थे। हालांकि, जिस वेबसाइट के पास फाइनल के टिकट बेचने के राइट्स थे, उसने 1500, 2000, 2500 और 5000 वाले टिकट ही बेचे। अन्य 12500, 15000 और 22500 वाले टिकटों का क्या हुआ? कुछ पता नहीं चला।
  4. इस बारे में फैंस सवाल उठा रहे हैं। वेबसाइट पर ये टिकट बिके हैं या नहीं, इसकी भी कोई जानकारी नहीं है। वेबसाइट पर गुरुवार शाम तक 1500 वाले टिकट उपलब्ध दिख रहे थे, लेकिन वे बुक नहीं हो पा रहे थे।
  5. वेबसाइट के सुधीर रेड्डी से इस बारे में बात की गई। सुधीर ने कहा, ‘मैं इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकता हूं। इस मामले में आपको सारी जानकारी बीसीसीआई से ही मिल सकती है। मुझे इस बारे में कुछ भी कहने का अधिकार नहीं है।’

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