दिन भर रहती है थकान तो ये हो सकती है थकान की असली वजह

0
2

जिंदगी में कई बार ऐसे लोग मिलते हैं जो हमेशा थके-थके से लगते हैं तो कई बार आप खुद भी ऐसा महसूस करने लगते हैं। जरूरी नहीं कि थकान की वजह केवल आपके द्वारा किया गया परिश्रम या उम्र का तकाजा हो। यह शरीर का एक संकेत भी हो सकता है कि आपके शरीर को किस बात की जरूरत है। तो हर बार की तरह थकान को खारिज करने की गलती करने की बजाय जानने की कोशिश कीजिए कि इस थकान की वजह क्या है। 2017 में किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक देश की 17 प्रतिशत जनता थकेली (मुंबई की भाषा में) महसूस करती है। थकान की वजह अगर परिश्रम है तो अच्छी बात है…वरना जाग जाइए। और हां नीम-हकीमों के चक्कर में पड़ने से भी बचिए। आइए आज आपको बताते हैं कि आपकी थकान की असली वजह क्या हो सकती है-

एनीमिया या आयरन की कमी

हीमोग्लोबिन या रेड ब्लड सेल्स की कमी से होने वाली परेशानी को एनीमिया कहते हैं। महिलाओं पर मासिक धर्म और गर्भाधान के कारण इसका खतरा ज्यादा होता है। आयरन की कमी एनीमिया का प्रमुख कारण है और एनीमिक व्यक्ति थका हुआ और कमजोर महसूस कर सकता है।

इसे पहचानने का सबसे आसान तरीका अपनी आंखों की निचली पलक को नीचे करना है। सामान्य लोगों में यह गुलाबी-लाल होती है. अगर यह पीली है तो व्यक्ति एनिमिक है। डॉक्टर से सलाह लेकर उचित पहचान के लिए ब्लड टेस्ट करा लीजिए। 

क्या किया जाएः भरपूर हरी सब्जियां, सलाद, स्प्राउट्स, फल खाएं ताकि आयरन की कमी को दूर किया जा सके। माय उपचार के डॉ. विशाल मकवाना के मुताबिक अगर इसमें खट्टे फल, नींबू पानी, स्ट्रॉबेरी, कीवी भी शामिल हो जाए तो आयरन का अवशोषण सुनिश्चित हो जाएगा। 

स्लीप एप्निया

यह एक गंभीर मगर बेहद उपेक्षित बीमारी है जिसमें नींद के दौरान एक छोटा सा पल ऐसा आता है जब सोने वाला व्यक्ति सांस नहीं लेता। सांस रुक जाने के कारण ब्लडप्रेशर गिर जाता है और व्यक्ति एकाएक नींद से जाग जाता है। जब वह सांस भी लेते हैं तो उनकी श्वास नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में वह खर्राटे लेने लगते हैं। स्लीप एप्निया से परेशान लोग भी पूरे दिन थकान महसूस करते हैं। 

स्लीप एप्निया वैसे तो किसी को भी अपनी चपेट में ले लेता है, लेकिन मोटापे के साथ इसका खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा शराब का सेवन और धूम्रपान मामले को और अधिक बिगाड़ देते हैं। माय उपचार से जुड़े एम्स के डॉ. नधीर केएम के मुताबिक जीवनशैली में बदलाव, करवट लेकर सोना, एंटी स्नोरिंग डिवाइस का इस्तेमाल,  सर्जरी से इस परेशानी से निजात पाई जा सकती है।

क्या किया जाएः यह सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है जिसका जल्द उपचार किए जाने की जरुरत होती है। अगर आपको या आपके जीवनसाथी को स्लीप एप्निया की शिकायत है तो कृपया डॉक्टर से संपर्क साधें। 

लो थाइरॉयड

अगर आपकी थाइरॉयड ग्रंथि अच्छी तरह से काम नहीं कर रही तो यह भी आपकी थकान की वजह हो सकता है। यह हमारी गर्दन के बीच में आगे मौजूद एक ग्रंथी होती है, जो हार्मोन थाइरॉयड का स्राव करती है। यह हार्मोन हमारे शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरुरी होता है। 

कम सक्रिय थाइरॉयड मोटापे, शरीर में दर्द और सूखी त्वचा की वजह बन सकता है। दिनभर थकान महसूस करने वाले लोगों को अपने थाइरॉयड का स्तर एक बार तो जरुर चेक करा ही लेना चाहिए। 

क्या किया जाएः किसी डॉक्टर से संपर्क करें और उसकी सलाह से ही दवा, आहार और नियमित एक्सरसाइज करें। माय उपचार से जुड़े एम्स के डॉ. अनुराग शाही के मुताबिक जीवनशैली में कुछ बदलाव जैसे संतुलित आहार, पर्याप्त मात्रा में आयोडिन, तनाव दूर करने के लिए योगा, ध्यान की मदद से थाइरॉयड की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

तनाव या अवसाद

हमारा शरीर तनाव के खिलाफ बेहद सक्रियता से प्रतिक्रिया देता है। एकाएक तनाव होने पर शरीर से तनाव का हार्मोन यानी कोर्टिसोल निकलता है जो हमें तनाव से खिलाफ सक्रिय कर देता है। हालांकि अगर लंबे समय तक तनाव मौजूद रहता है तो कोर्टिसोल का परिणाम ठीक उल्टा हो जाता है और यह हमें बेहद सुस्ती की स्थिति में पहुंचा देता है। 

लगातार तनाव से हमारे अवसादग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है जो हमारे शरीर की ऊर्जा को निकाल लेती है। हमारी काम करने की इच्छा ही खत्म हो जाती है। कोई उत्साह नहीं होता और न ही काम करने की कोई प्रेरणा। हमारा दिल और दिमाग बस आराम और आराम ही चाहते हैं। 

क्या किया जाएः योगा, आउटडोर गेम्स, ध्यान जैसी किसी गतिविधि को नियमित अपनाकर तनाव को दूर भगाने की कोशिश कीजिए। सबसे महत्वपूर्ण अपने परिजनों, दोस्तों से मिलिए अपनी भावनाओं को बांटिए, देखिए तनाव कैसे फुर्र हो जाता है। 

बहुत ज्यादा कैफीन

हम जब सुस्ती महसूस करते हैं तो कहते हैं यार एकाध कॉफी हो जाए। ऐसे में यह जानना चौंकाने वाला हो सकता है कि कैफीन हमें सुस्त बनाती है। दरअसल जब हम कैफीन लेते हैं तो दिमाग की कुछ चैनल्स को ब्लॉक कर कैफीन हमें सजग बना देती है, लेकिन जब इसका असर कम होने लगता है तो दिमाग की प्रतिक्रिया हमें सुस्त बना देने की होती है। 

किया क्या जाएः हम इस बात को समझते हैं कि आपको दिनभर के लंबे कामकाज के घंटों के दौरान सतर्क, चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए चाय या कॉफी की जरुरत होती है। लेकिन कई बार कैफीन वाले पेय पीने की तलब का मतलब आपके शरीर में पानी का स्तर कम होना भी होता है। तो ऐसे में एक-एक घूंट करके पानी पीना, कॉफी-दर-कॉफी पीने से बेहतर विकल्प होगा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here