गंदे पानी में उगाई गई सब्जियों में प्रोटीन की मात्रा सिर्फ एक तिहाई

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प्रदूषित पानी या उक्त पानी से प्रभावित मिट्टी में पैदा हो रहीं सब्जियों में प्रोटीन की मात्रा एक तिहाई ही मिल रही है। यह बात सीएसजेएमयू के बायोसाइंस एंड बॉयोटेक्नोलॉजी (बीएसबीटी) विभाग के शोध में सामने आई है। 

सामान्य मिट्टी में पैदा हुई एक ग्राम हरी सब्जी में 24 मिलीग्राम से अधिक प्रोटीन होता है। वहीं प्रदूषित पानी से पैदा हुई सब्जियों में इसकी मात्रा 8 मिलीग्राम के करीब ही मिली। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के बीएसबीटी विभाग के निदेशक व उनकी टीम ने टेनरी वाले क्षेत्रों की मिट्टी और पानी को लेकर शोध 

कानपुर के जाजमऊ, वाजिदपुर और मोतीपुर क्षेत्रों से मिट्टी का सैंपल लिया और उसकी जांच की। फिर पत्तेदार सब्जियों को इन्हीं क्षेत्रों की मिट्टी और पानी में उगाया। प्रदूषित पानी व मिट्टी में पैदा हुई सब्जियों में प्रोटीन कंटेंट का परीक्षण किया तो सामान्य की अपेक्षा एक तिहाई मिला। ये तीनों क्षेत्र टेनरी के प्रदूषण से अत्यधिक प्रभावित हैं। 

मिट्टी में अधिक क्षारीय वैल्यू-
शोध टीम ने जाजमऊ, वाजिदपुर और मोतीपुर की मिट्टी की भी जांच की। इसमें क्षारीय वैल्यू (अल्कलाइन वैल्यू ) अधिक मिली। यह सब्जियों में अनेक तरह का बदलाव ला सकती है। ऑर्गेनिक कार्बन, पीएच, कैल्शियम कार्बोनेट, कार्बोनेट एंड बाईकार्बोनेट के साथ कैल्शियम व मैग्नीशियम की मात्रा सामान्य नहीं मिली है, जो फसल के लिए उपयोगी होती है। 

नोट-
प्रदूषित पानी व मिट्टी हरी सब्जियों को कितना नुकसान पहुंचाते हैं, इसे देखने के लिए शोध किया गया था। इसमें सामने आया कि हरी सब्जियों में प्रोटीन की मात्रा एक तिहाई ही रह जाती है। मतलब, व्यक्ति जितना सोच कर हरी सब्जियां खाता है, उसे उतना लाभ नहीं देती हैं। 

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